एनुबियास (Anubias) भारत में सबसे ज़्यादा पसंद किए जाने वाले एक्वेरियम पौधों में से एक है। यह कम रोशनी में उगता है, इसे CO2 की ज़रूरत नहीं होती और यह लगभग कभी नहीं मरता। इस गाइड में आप जानेंगे कि एनुबियास को एक्वेरियम में कैसे लगाएँ, इसकी देखभाल कैसे करें और आम समस्याओं को कैसे ठीक करें।
संक्षिप्त उत्तर: एनुबियास को मिट्टी या बजरी में दबाएँ नहीं। इसकी मोटी जड़ (राइज़ोम) को धागे या एक्वेरियम-सेफ ग्लू से लकड़ी (ड्रिफ्टवुड) या पत्थर पर बाँधें। कम से मध्यम रोशनी दें, पानी का तापमान 22–28 °C रखें और हफ़्ते में एक बार हल्का लिक्विड फ़र्टिलाइज़र डालें। CO2 की ज़रूरत नहीं है।

एनुबियास देखभाल तालिका
| ज़रूरत | सुझाव |
|---|---|
| रोशनी | कम से मध्यम (6–8 घंटे) |
| CO2 | ज़रूरी नहीं |
| तापमान | 22–28 °C |
| pH | 6.0–7.5 |
| लगाने का तरीका | लकड़ी या पत्थर पर बाँधें, राइज़ोम न दबाएँ |
| बढ़ने की गति | बहुत धीमी (लगभग 2–3 हफ़्ते में एक पत्ता) |
| मुश्किल स्तर | बहुत आसान |
| कीमत (Anubias.in) | ₹90 से शुरू |
एनुबियास को एक्वेरियम में कैसे लगाएँ?
- पौधे को साफ़, डीक्लोरीनेटेड पानी में हल्के से धोएँ और खराब पत्ते हटा दें।
- राइज़ोम (मोटा तना जिससे पत्ते और जड़ें निकलती हैं) को पहचानें।
- राइज़ोम को सूती धागे या फिशिंग लाइन से ड्रिफ्टवुड या पत्थर पर बाँधें, या जेल सुपरग्लू की एक छोटी बूंद से चिपकाएँ।
- जड़ें बजरी में जा सकती हैं, लेकिन राइज़ोम हमेशा बाहर खुला रहना चाहिए।
- 3–6 हफ़्तों में जड़ें खुद लकड़ी या पत्थर को पकड़ लेती हैं।
एनुबियास को सबसे ज़्यादा नुकसान किससे होता है?
राइज़ोम को मिट्टी या बजरी में दबाने से। दबा हुआ राइज़ोम सड़ने लगता है, नरम और भूरा हो जाता है, और पत्ते पीले होकर गिरने लगते हैं। यही एनुबियास के मरने का सबसे आम कारण है। अगर राइज़ोम का कोई हिस्सा नरम हो गया है, तो उसे साफ़ कैंची से काट दें और बाकी स्वस्थ हिस्से को लकड़ी या पत्थर पर बाँध दें।
आम समस्याएँ और समाधान
- पत्तों पर हरे या काले धब्बे (एल्गी): रोशनी ज़्यादा है। लाइट के घंटे 6–8 करें और पौधे को थोड़ी छाया में रखें।
- पत्ते पीले होना: राइज़ोम दबा हुआ है या पोषक तत्वों की कमी है। राइज़ोम बाहर निकालें और हफ़्ते में एक बार फ़र्टिलाइज़र डालें।
- पत्तों में छोटे छेद: अक्सर पोटैशियम की कमी। संपूर्ण लिक्विड फ़र्टिलाइज़र इस्तेमाल करें।
- नया पत्ता नहीं आ रहा: एनुबियास स्वाभाविक रूप से बहुत धीमा है। नए पौधे 2–4 हफ़्ते तक रुक सकते हैं, यह सामान्य है।
- पौधा पिघल रहा है: पानी में अचानक बदलाव या राइज़ोम सड़न। पानी स्थिर रखें और सड़ा हिस्सा काटें।
भारत के मौसम में एनुबियास की देखभाल
- गर्मी (अप्रैल–जून): पानी 30 °C से ऊपर न जाए, इसके लिए कमरे को ठंडा रखें और पानी की सतह पर पंखा चलाएँ।
- मानसून: बिजली कटने पर एयर पंप बंद हो सकता है; एनुबियास मज़बूत है, लेकिन मछलियों के लिए ऑक्सीजन का ध्यान रखें।
- सर्दी (उत्तर भारत): पानी 20 °C से नीचे जाए तो हीटर लगाएँ, वरना बढ़त रुक जाती है।
लोकप्रिय एनुबियास किस्में
- Anubias Nana: छोटे गोल पत्ते, सामने के हिस्से के लिए।
- Anubias Nana Petite: बहुत छोटे 1–2 cm पत्ते, नैनो टैंक के लिए।
- Anubias Barteri var. glabra: बड़े पत्ते, बड़े टैंक और गोल्डफ़िश टैंक के लिए।
- Anubias Nana Gold: सुनहरे-हरे पत्ते।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एनुबियास बेट्टा और झींगा (shrimp) के लिए सुरक्षित है?
हाँ। बेट्टा मछली इसके चौड़े पत्तों पर आराम करती है और झींगे इसके पत्तों पर जमी बायोफ़िल्म खाते हैं।
क्या एनुबियास बिना फ़िल्टर वाले बाउल में रह सकता है?
हाँ, यह बहुत मज़बूत पौधा है। बस हर हफ़्ते पानी बदलते रहें।
एनुबियास ऑनलाइन कहाँ से खरीदें?
Keeping pets or small children? Read is Anubias toxic?
हिंदी में पढ़ें: एक्वेरियम में पौधे कैसे लगाएं.






